सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

रसायन विज्ञान महत्वपूर्ण तथ्य

 महत्वपूर्ण तथ्य। रसायन विज्ञान रसायन विज्ञान

  1. भारी जल ड्यूटेरियम का ऑक्साइड है ।
  2. हाइड्रोजन पराक्साइड का प्रयोग पुराने तैल चित्र के रंगों को पुनः उभारने में किया जाता है।
  3. ओजोन गैस में सड़ी मछली की तरह गंध आती है।
  4. सोडियम को मिट्टी के तेल में रखा जाता है।
  5. कास्टिक सोडा का रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोक्साइड है।
  6. कांसा, तांबें व टीन की मिश्र धातु है।
  7. अजेऺन्टाइट चांदी का अयस्क है।
  8. पोटेशियम नाइट्रेट को साल्टपीटर कहते हैं।
  9. लूनर कास्टिक का रासायनिक नाम सिल्वर नाइट्रेट है।
  10. जर्मन सिल्वर तांबें,जस्ते व निकिल की मिश्र धातु है।
  11. कापर पाइराइट तांबें का प्रमुख अयस्क है।
  12. सिल्वर ब्रोमाइड का प्रयोग फोटोग्राफी व फिल्मों में किया जाता है । अल्मराज में एक भाग सांद्र नाइट्रिक अम्ल व 3 भाग सांन्द्र हाइड्रोक्लोराइड अम्ल होता है।
  13. कैलोमल का रासायनिक नाम मरक्यूरिस क्लोराइड है।
  14. लोहे में जंग लगना रासायनिक परिवर्तन है।
  15. हड्डियों व दातों में कैल्शियम पाया जाता है।
  16. वायुमंडल में उपस्थित नाइट्रोजन और ऑक्सीजन बिजली की चमक के दौरान नाइट्रोजन ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाता है।
  17. रोहिणी जंग लगाने के लिए ऑक्सीजन व नमी आवश्यक है।
  18. उत्प्रेरक रासायनिक क्रियाओं के वेग के प्रभावित करते हैं।
  19. अग्निशमन यंत्रों में कार्बन डाइऑक्साइड गैस का प्रयोग किया जाता है।
  20. एथिलीन गैस का प्रयोग कच्चे फलों को पकाने के लिए किया जाता है।
  21. पोटेशियम सायनाइड अत्यंत विषैला पदार्थ है इसे खाने पर व्यक्ति की तत्काल मृत्यु हो जाती है।
  22. फोटोग्राफी में स्थायीकरण के लिए सोडियम थायो सल्फेट का उपयोग किया जाता है।
  23. जल में नमक का मिश्रण एक भौतिक परिवर्तन है।
  24. फास्फोरस हवा में जलता है।
  25. जंग लगने पर लोहे का भार बढ़ जाता है।
  26. शुद्ध जल में थोड़ी मात्रा में अम्ल मिला देने पर यह विद्युत का सुचालक हो जाता है।
  27. मोजानाइट रेडियो एक्टिव खनिज है।
  28. जिंक ऑक्साइड को 'जस्ते की फूल' कहा जाता है।
  29. सिनेबार पारे का अयस्क है।
  30. जिप्सम जलीय कैल्शियम सल्फेट है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अम्बे जी की आरती | जय अम्बे गौरी | दुर्गा आरती इन ह‍िंदी | Ambe Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi. Om Jai Ambe Gauri Aarti in Hindi | माता की आरती इन हिंदी

जय अम्बे गौरी | दुर्गा आरती इन ह‍िंदी | Ambe Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi. Om Jai Ambe Gauri Aarti in Hindi | माता की आरती इन हिंदी  अम्बे जी की आरती जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी।। मांग सिंदूर विराजत, टीको मृग मद को । उज्जवल से दोउ नैना, चन्द्र बदन नीको ।। कनक समान कलेवर, रक्ताम्बार राजे । रक्तपुष्प गलमाला, कंठन पर साजै ।। केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी। सुर नर मुनि जन सेवत, तिनके दुःख हारी। कानन कुण्डल शोभित,नासाग्रे मोती । कोटिक चंद्र दिवाकर, राजत सम ज्योति।। शुम्भ निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती। धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती ।। चण्ड मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे । मधु, कैटभ दोउ मारे, सुर-भयहीन करें ।। ब्राह्मणी ऊद्राणी मैया, तुम कमला रानी। आगम- निगम बखानी, तुम शिव पटरानी।। चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरु। बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजत डमरु ।। तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता । भक्तन की दुःख हरता, हुआ सम्पत्ति करता।। भुजा चार अति शोभित वर मुद्रा धारी । मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी ।। कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती। श्री मालके...

बृहस्पतिवार व्रत कथा | Brihaspativar vrat katha | बृहस्पति देव की कथा और आरती || बृहस्पति भगवान की कथा || विष्णु भगवान की व्रत की कथा || विष्णु भगवान की कथा और आरती Lyrics || brihaspativar vrat katha || वीरवार की व्रत कथा आरती || brihaspativar vrat katha aarti

 बृहस्पतिवार व्रत कथा। बृहस्पति देव की कथा और आरती || बृहस्पति भगवान की कथा || विष्णु भगवान की व्रत की कथा || विष्णु भगवान की कथा और आरती Lyrics || brihaspativar vrat katha  || वीरवार की व्रत कथा आरती || brihaspativar vrat katha aarti भगवान बृहस्पति देव की पूजा अर्चना के लिए बृहस्पतिवार को व्रत करके बृहस्पतिवार की व्रत कथा को पढ़ने अथवा किसी दूसरे स्त्री पुरुष द्वारा सुनने की प्राचीन परंपरा है। बृहस्पतिवार का व्रत करने और व्रत कथा सुनने से स्त्री पुरुषों की सभी मनोकामना मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस व्रत से धन संपत्ति की प्राप्ति होती है। नीः संतानों की को पुत्र प्राप्त होती है परिवार में सुख शांति बनी रहती है सभी आनंद पूर्वक रहते हैं। व्रत करने की विधि  बृहस्पतिवार को सूर्य उदय से पहले उठकर स्नान आदि से निर्मित होकर, भगवान बृहस्पति देव का स्मरण करते हुए व्रत का प्रारंभ करना चाहिए। उपासक को घर के किसी कक्ष में छोटा अथवा बड़ा पूजा स्थल बनाकर उसमें भगवान बृहस्पति की पूजा की जा सकती है। भगवान बृहस्पति देव पूजा में पीले रंग के पुष्प और पीले रंग की...

संकट मोचन हनुमानाष्टक | संकटमोचन हनुमान अष्टक ।।हनुमान अष्टक स्तोत्र lyrics ।। संकट मोचन पाठ lyrics ।। संकटमोचन हनुमानाष्टक पाठ

 संकट मोचन हनुमानाष्टक । Sankat mochan hanuman ashtak | संकटमोचन हनुमान अष्टक ।।हनुमान अष्टक स्तोत्र lyrics ।। संकट मोचन पाठ lyrics ।। संकटमोचन हनुमानाष्टक पाठ      संकटमोचन हनुमानाष्टक हनुमान जी का एक महा मंत्र है जो कोई भी अपने सच्चे हृदय से हनुमान जी को याद करता है हनुमान जी के संकट मोचन हनुमान अष्टक का पाठ करता है उस भक्तों की समस्त कष्ट ko हनुमान जी स्वयं  रक्षा करते हैं | ।। दोहा ।।  बाल समय रवि भक्षि लियो तब,                            तीनहूं लोक भयो अंधियारों । ताहि सों त्रास भयो जग को,                     यह संकट काहू सो जात न टारो । देवन आनि करी विनती तब,                          छांड़ि दियो रवि कष्ट निवारो । को नहीं जानत है जग में कपि,                संकट मोचन नाम तिहारो।। को.१ ।। बालि की त्रास कपीस बसै गिरि,  ...