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जीव विज्ञान महत्वपूर्ण तथ्य

 जीव विज्ञान महत्वपूर्ण तथ्य।


  1. बेलाडोना एक औषधि है जिसका उपयोग सिरदर्द गिरजा लाने सिहरन रोकने में होता है यह मेट्रो का बेलाडोना नामक पौधे की जड़ में पाया जाता है।
  2. तंबाकू में बिना बेसिन और निकोटिन नामक हल्की लायक होते हैं जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में शिथिलता करते हैं।
  3. खीरा तरोई ककड़ी कद्दू लौकी सचिदा तरबूज आदि सभी सब्जियां हैं ए कुकर विदेशी स्कूल में आते हैं इस स्कूल को सब्जी खून भी कहा जाता है।
  4. तारपीन का तेल चीड़ के वृक्षों से मिलता है सेंट्रल जेल देवदार की लकड़ी से निकाला जाता है।
  5. यू सिंग उसे ड्र एफेड्रा नामक पौधे से एफेड्रिन नामक पल की लाइट निकाला जाता है जो दमा और खांसी की दवा के रूप में प्रयोग किया जाता है।
  6. सबसे मोटा तना टैक्सोडियम मैक्सी के नाम नामक अनावृतबीजी ब्रिज का होता है जो लगभग 17 मीटर व्यास तक होता है
  7. चलाओ सेनाओ सैलाब युक्त साइकस की जड़ को को रिलायंस जड़ खाते हैं।
  8. कवक युक्त फाइनेंस की जड़ को माइक्रो राजल जड़े करते हैं।
  9. अनाज व घास का शो 1 जून रोग नामक कवक से बनता है।
  10. बाजरे का हरित बाली रोग इसलिए र सपोर्टर
  11. 1845 मैं आयरलैंड में भयंकर भुखमरी लेट ब्लाइट आफ पोटैटो के कारण हुई थी इसमें लगभग 2000000 लोगों की मृत्यु हो गई थी।
  12. एल एच डी और घाट से प्राप्त होता है
  13. मिस्टर का प्रयोग डबल रोटी बनाने में किया जाता है।
  14. ईस्ट में थायमीन राइबोफ्लेविन बायोटीन आदि विटामिन की अधिकता के कारण से टेबलेट और केक खाने के काम में आते हैं।
  15. पेनिसिलिन नामक प्रतिजैविक पेनिसिलियम नामक कवक से प्राप्त किया जाता है।
  16. होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक एनिमल है
  17. विक्रम चिकित्सा में कोबाल्ट 60 60 का उपयोग किया जाता है क्योंकि इसमें गामा के लिए उत्सर्जित होती है।
  18. एसडीम के सेवन से हृदय रोग का खतरा कम हो जाता है।
  19. एसडीम की खोज के लिए ब्रिटिश वैज्ञानिक जान वान को 1982 का चिकित्सा नोबेल पुरस्कार मिला।
  20. प्रथम परखनली शिशु का नाम रोहित था इसका जन्म 25 जुलाई सन 1978 को इंग्लैंड में हुआ था।
  21. ब्रायोफाइटा वेज होटल पौधे हैं जिनमें साधारण तने और बतिया होती हैं लेकिन सोहन तक नहीं होता
  22. सोमू शॉपिंग नामक हारमोंस की कमी से बौनापन होता है तथा अधिकता से महा कायता होती है
  23. हीरो मूवीस वेयर आसानी पदार्थ जो एक जंतु के शरीर से साबित होते हैं तथा अपनी ही जाति के अन्य सदस्यों का आचरण तथा वर्धन प्रभावित करते हैं

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